हमारी सोच….!

दोस्तों आज मै अपना दूसरा ब्लॉग पोस्ट कर रहा हूँ | मुझे ये नहीं पता कि आपको मेरा पहला ब्लॉग कैसा लगा | पर फिर भी मै अपना दूसरा ब्लॉग लिख रहा हूँ | मैंने ये ब्लॉग कुल ४ दोस्तों को भेजा था | जिनमे से ३ ने मेरे को प्रेरित किया |
   दोस्तों हम लोग सभी हनुमान की तरह हैं | हम सब करने को तो बहुत कुछ कर सकते है | पर इतने आलसी कि कुछ कर नहीं पाते है | हम सभी को ये पता है कि हम आलसी है | लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि इस गलती के लिए कुछ नहीं करते | दोस्तों आलसीपन छुड़ाने के लिए सबसे सरल तरीका है | आप अपने mind  को कंट्रोल में रखो | दोस्तों ये सच है हम जो सोचते है वैसे बन जाते है | अगर सोचते है कि सर्दी लग रही है तो लगने लगती है | मै आपको एक सबसे बढ़िया उदाहरण देता हूँ | जब आप को चोट लगती है तो आप रोने लगते है | क्या रोने से दर्द कम हो जाता है | नहीं ऐसा बिलकुल नहीं होता है| उस टाइम सिर्फ हमारा ध्यान उस दर्द से हट जाता है | एक बार मेरा एक  एक्सीडेंट में  एक जगह हड्डी टूट गयी | कई डॉक्टर को दिखने के बाद भी वो सही से नहीं जुड़ सकी | दादा  जी ने मेरे को एक बैद्य के पास भेजा | उसके यहाँ जाने वाला हर कोई रोता था | पर मैंने अपना ध्यान उस दर्द कि तरफ नहीं दिया तो मेरो को  बिलकुल दर्द नहीं हुआ |  इसी तरह हम अपने को कण्ट्रोल कर सकते है | दोस्तों हम अम्बानी जी या बिलगेट्स  या फिर किसी भी अन्य सक्सेसफुल व्यक्ति की सफलता की कहानी तो पढ़  लेते है | उस टाइम हमरे दिमाग में सिर्फ एक ही चीज आने लगती है | हम उन्हें महान मान लेते है | वो तो हम लोगो से भी डाउन स्थिति से थे | पर आज वो कहा है और हम जहा थे वही है | हम उनको महान मान कर अपने अन्दर कमी देखने लगते है | हम सिर्फ excuse  देने लगते है | रियल में हम अपनी गलती को नहीं मानते है | दोस्तों जो लोग आज सफल हुए वो कोई भगवान नहीं थे बस वो पागल थे | वो अपने लक्ष्य को पाने के लिए पागल थे | लोग उन पर हस्ते थे | दोस्तों जो लोग इस हसी से डर जाते है | वो नाकाम हो जाते है | और जो लोग इसे सहन कर जाते है वो सफल व्यक्ति बन जाते है |
आपने कभी सोचा कि हम भी कभी उस लिस्ट में शामिल हो सकते है ? रियल ये है कि हम नहीं सोचते है | अगर सोचते है तो उसे नामुमकिन मान लेते है | दोस्तों आप ये बात जानते है कि  कोई भी चीज इस दुनिया में नामुमकिन नहीं है | फिर हम अपने सपने को मुमकिन न करके नामुमकिन क्यों बना देते है ? हम सभी की सबसे बड़ी समस्या रुपयों की होती है | यार अगर सभी के पास पैसे होते तो सभी सफल बन जाते | फिर जो लोग आज उच्च श्रेणी में गिने जाते है वो नहीं गिने जाते | हम सोचते है  उसने क्या किया ? कुछ नहीं … | फिर तो हम सही है उससे | पर हम ये नहीं सोचते हमसे भी बहुत से लोग आगे है | तो हमने क्या किया ? कुछ नहीं ….|
आपको सिर्फ अपनी सोच को बदलना होगा | सोच सिर्फ दो प्रकार की होती है | नकारात्मक और सकारात्मक  अब आपके ऊपर निर्भर है कि आप क्या सोचते है | आप जिस तरह सोचंगे उसी तरह बन जायेंगे ये मेरा आपसे वादा है |
 दोस्तों मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा भरोशा है कि आप लोंगो को ये जरुर पसंद आएगा अगर आपको अच्छा लगता है | तो हमें आपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें |
  1. #1 by sandeep on January 6, 2014 - 1:12 pm

    Aapki bat achi hai mind ko hmesa control me rakhana chahie

  2. #2 by shobhit on November 14, 2014 - 3:39 pm

    mae shobhit apki bat se sahmt hu apne bahut accha likha hae

  3. #3 by jai prakash on December 5, 2014 - 10:15 am

    mai jai prakash hum is baat ko maante hai ki jo log jaisa sochte hai to unki soch unke sochne ke hisab se usi raaste par le jaati jo ki wo sochte hai is samay log apni positive soch ko bhulkar apni baarey negative hi sochtey hai jaise yaar
    kahin aisa na ho ki mai is exam ,busness,job etc.mai fail ho jaun isliye mari request ye hai ki jo bhi is msg ko padhe wo apne baarey mai positive think rakhey

आप भी कुछ कहें ...!

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: