ऐ पी जे अब्दुल कलाम

नाम ऐ पी जे अब्दुल कलाम
जन्म  15 अक्तूबर 1931 रामेस्वरम,तमिलनाडु, भारत 
नागरिकता  भारतीय 
क्षेत्र  विज्ञानं अवं प्रौद्योगिकी
उपलब्धि  “मिसाइल  मन  ऑफ़  इंडिया ” के नाम से जाने जाते हैं , भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति , भारत  रत्ना से नवाजित .
एक बेहद गरीब परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर बड़े से बड़े सपनो को साकार करने का एक जीता-जागता प्रमाण हैं अब्दुल कलाम आजाद

शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशा .
अब्दुल कलाम  

क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?
अब्दुल कलाम 

कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये. 
-अब्दुल कलाम 

अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं. मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे.
-अब्दुल कलाम  

भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में  असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है. 
-अब्दुल कलाम 

मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता.
अब्दुल कलाम 

 महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं. 
-अब्दुल कलाम 
अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना  है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.
अब्दुल कलाम 
यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा. 
-अब्दुल कलाम
भारत में हम बस मौत, बीमारी , आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं. 
-अब्दुल कलाम
आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके. 
-अब्दुल कलाम
आकाश की तरफ देखिये. हम अकेले नहीं हैं. सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है. 
-अब्दुल कलाम 
 इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं. 
-अब्दुल कलाम 
किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया. 
-अब्दुल कलाम  
मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं. हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते. क्यों? 
-अब्दुल कलाम 
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए , आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा. 
-अब्दुल कलाम
इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे . 
-अब्दुल कलाम 
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